Sai zariya hai nazariya badalne ka....
aazma ke dekh.. :)
Monday, April 9, 2012
Monday, July 6, 2009
चित्रा गूप्त
इंसानो के कर्मू का लेखा जोखा चित्रा गुप्ता रख्ता हे ये रेह्ता किधर हे ये स्वर्ग लोक मे यम्रज के पास रेह्ता हे. ये इत्ने सारे लोगो का हिसाब किताब केसे रक्था हे . चित्र गूप्त इंसान के चित मे रेह्ता हे .और वहि पर इंसान के कर्मू का लेखा जोखा रख्ता हे .अंत मे जब इंसान की आत्मा वहा पहुच्ती हे तो वह इस चित रूपि चिप से सारा डाटा निकाल लेते हे . और फिर उस्के कर्मू का हिसाब किताब कर्ते हे . इस लीए इंसान को अप्ने चित की माननि चाहिअय .और अप्ने चित को परम पिता पर्मात्मा के सिमरन मे लगाना चाहैअ.
Sunday, July 5, 2009
सहज कर्मा

साईं बाबा अपने चमतकारों से मुर्दे में भी जान डाल देते थे...... लेकिन बाबा हर रोज सुबह शिर्डी गावँ के घर घर जाकर भिक्शा लेते थे ........बाबा एक सहज सन्देश देना चाह्ते थे ...... बाबा चमत्कार से अन्न चावल के गौदाम भर सकते थे , लेकिन बाबा घर घर जाकर भिक्शा लेते थे....... और इकटठा किये हुए अन्न चावल को अप्ने हाथों से पकाते थे ........ गरम चवलों के बर्तन मे अप्ने हाथ को डाल कर हिलाते थे , जिस्से उस भोजन मे अम्रित रस घुल जाता था ........और उस भोजन को गावँ के लोगों को प्यार से खिलाते थे ........इस सहज कर्म से वो गावँ वालों मे प्यार और भाइचारे का सन्देश देते थे ...........
Friday, June 5, 2009
ओम साईं राम
असहज से सहज की ओर
सारा जीवन असहज है ... मौत के बाद सहज है ....सारा जीवन सहज रेह्ते हुए मौत भी सहज हो यही प्रयास है .... साई प्रभु के अवतार ने हमे जीवन में केसे सहज होना है यही शिकशा दी ...... सारी उमर हम सहज होने के लिए अप्ने आप को असह्ज करते रेह्ते है पर सहज्ता की प्राप्ती नहीं होती .... विशम परिस्तिथीयों में हमें केसे सहज रेह्मना है यही सीखना है.... ओम साई राम......
सारा जीवन असहज है ... मौत के बाद सहज है ....सारा जीवन सहज रेह्ते हुए मौत भी सहज हो यही प्रयास है .... साई प्रभु के अवतार ने हमे जीवन में केसे सहज होना है यही शिकशा दी ...... सारी उमर हम सहज होने के लिए अप्ने आप को असह्ज करते रेह्ते है पर सहज्ता की प्राप्ती नहीं होती .... विशम परिस्तिथीयों में हमें केसे सहज रेह्मना है यही सीखना है.... ओम साई राम......
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