असहज से सहज की ओर
सारा जीवन असहज है ... मौत के बाद सहज है ....सारा जीवन सहज रेह्ते हुए मौत भी सहज हो यही प्रयास है .... साई प्रभु के अवतार ने हमे जीवन में केसे सहज होना है यही शिकशा दी ...... सारी उमर हम सहज होने के लिए अप्ने आप को असह्ज करते रेह्ते है पर सहज्ता की प्राप्ती नहीं होती .... विशम परिस्तिथीयों में हमें केसे सहज रेह्मना है यही सीखना है.... ओम साई राम......
Friday, June 5, 2009
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सत वचन....
ReplyDeleteशुरूआत अच्छी है...लिखते रहें